पुलवामा आतंकी हमले में जवाली उपमंडल की नाणा पंचायत के जंद्रो गांव के शहीद सीआरपीएफ के जवान तिलक राज की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। 
हर आंख नम, पूरी पंचायत गम में डूबी, पाकिस्तान के खिलाफ लोगों के दिलों में आक्रोश, देश पर मर-मिटने को आतुर हर वर्ग शहीद के घर से लेकर श्मशानघाट तक हुर्रियत के खिलाफ, पाकिस्तान मुर्दाबाद और शहीद तिलक राज अमर रहे के नारे लगा रहा था।

रो-रोकर बेसुध हो रही पत्नी सावित्री देवी ने दुल्हन का जोड़ा पहनकर देश पर कुर्बान हुए वीर पति के अंतिम दर्शन किए। शहीद की अंतिम विदाई से पहले पत्नी को दुल्हन के उसी जोड़े में सजाया गया, जिसमें उसका विवाह के बाद घर में प्रवेश हुआ था।

बड़े भाई बलदेव ने शहीद को मुखाग्नि दी। इससे पहले सीआरपीएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर से सलामी देकर हवा में गोलियां चलाईं। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए भीड़ इतनी उमड़ी कि शहीद की अंतिम यात्रा घर के मुख्य गेट से नहीं निकल पाई।

घर के आंगन से सड़क तक भीड़ को देखते हुए पार्थिव शरीर को घर के पीछे से खेतों के रास्ते ले जाया गया। इससे पूर्व सुबह शहीद का पार्थिव शरीर जंद्रो गांव स्थित उनके घर करीब 9:30 बजे जैसे ही पहुंचा, तो मां और पत्नी बेसुध हो गईं।

शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहीद तिलक राज अमर रहे के नारे गूंजने लगे। करीब पौने दो घंटे तक लोगों ने शहीद के अंतिम दर्शन किए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, सांसद शांता कुमार, कई मंत्री और विधायकों के अलावा, पूर्व सांसद चंद्र कुमार और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
शहीद तिलक की अंतिम यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शहीद की पत्नी सावित्री देवी को नौकरी देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार शहीद के परिवार को 20 लाख रुपये आर्थिक मदद भी देगी।