
बुराड़ी में भाटिया परिवार के बिलखते परिजन
उत्तरी दिल्ली के संत नगर बुराड़ी इलाक़े में रविवार को 11 लोगों के संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए जाने का मामला बेहद पेचीदा होता जा रहा है.
पुलिस इस मामले में हत्या और आत्महत्या दोनों ही एंगल से जांच कर रही है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सोमवार को शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर बताया कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है, लेकिन क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने साफ़ किया कि अभी से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है.
सोमवार को मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज में सभी 11 शवों का पोस्टमॉर्टम हो गया. इस परिवार के सभी लोगों ने नेत्रदान का संकल्प लिया था, लेकिन सिर्फ़ छह शवों की ही आंखें दान के लिए ली जा सकीं.
इस घटना के दो दिन बीत जाने के बाद मामले को लेकर सवाल गहराते जा रहे हैं. आइए नज़र डालते हैं ऐसे ही 11 सवालों पर.

भाटिया परिवार के नाम से मशहूर इस परिवार में सबसे वृद्ध नारायण देवी (77) थीं जो एक दूसरे कमरे में फ़र्श पर मृत पाई गईं. इसके अलावा उनके बड़े बेटे भवनेश उर्फ़ भुप्पी (50), दूसरा बेटा ललित (45) और उन दोनों की पत्नियां सविता (48) और टीना (42) भी फंदे से लटके थे. भुप्पी की दो युवा बेटियां और एक नाबालिग बेटा साथ ही ललित का एक 15 वर्षीय बेटा भी मृत पाए गए.
रविवार सुबह जब पहले चश्मदीद गुरचरण सिंह घर में घुसे तो 10 लोग फंदे से लटके पाए गए थे. वह बताते हैं कि सारे दरवाज़े खुले थे. सवाल यह उठता है कि पुलिस आत्महत्या की भी बात कह रही है तो अगर यह आत्महत्या थी तो इस घर के दरवाज़े कैसे खुले थे?
हत्या के एंगल को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही पुलिस को रविवार को घर से दो रजिस्टर मिले जिनमें आध्यात्मिक और मोक्ष से संबंधित बातें लिखी थीं.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इसमें जिस तरह से हाथ, मुंह और आंखों पर पट्टियां बांधने की बात थी, कुछ लाशों पर वैसी ही पट्टियां बंधी हुई थीं. सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या परिवार इस रजिस्टर के हिसाब से ही सामूहिक रूप से आत्महत्या कर रहा था?
सबसे बुज़ुर्ग महिला नारायण देवी एक दूसरे कमरे में ज़मीन पर मृत मिलीं जबकि सभी लोग एक जगह फंदे से लटके थे. इनमें से कुछ के हाथ खुले थे.
क्या जिनके हाथ खुले थे उन्होंने पहले इस वारदात को अंजाम दिया और फिर आत्महत्या की?
अगर परिवार सामूहिक रूप से आत्महत्या कर रहा था तो किसी ने विरोध क्यों नहीं किया. पुलिस के अनुसार, किसी भी शव पर हाथापाई या चोट के निशान नहीं पाए गए हैं.
हाल ही में 17 जून को नारायण की नातिन प्रियंका (33) की सगाई हुई थी और जल्द शादी होनी थी. इतने बड़े मौक़े से पहले क्या परिवार सामूहिक रूप से आत्महत्या कर सकता है?