नई दिल्ली
बीसीसीआई ने गुरुवार को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को जगह नहीं दी तो अलग-अलग तरह की चर्चाएं होने लगीं। माना जाने लगा कि धोनी का युग खत्म हो गया है। सोशल मीडिया पर रिटायरमेंट की चर्चा के साथ ही उनके अब तक करियर को लेकर 'थैंक्यू धोनी' ट्रेंड होने लगा। ऐसे में यह समझना महत्वपूर्ण है कि कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में नाम न होने के मायने क्या हैं।आपको बता दें कि बीसीसीआई ने गुरुवार को अक्टूबर 2019 से लेकर सितंबर 2020 तक के लिए अपने अनुबंध की घोषणा कि जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा महेंद्र सिंह धोनी को जगह न मिलने का रहा। हालांकि बीसीसीआई के अधिकारी की मानें तो इसका मतलब यह कतई नहीं है कि धोनी के लिए टीम के दरवाजे बंद हो हुए हैं। बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट का देश के लिए खेलने से कोई कोई लेना-देना नहीं है।
अनुबंध भविष्य की गारंटी नहीं
धोनी अच्छा प्रदर्शन कर भारतीय टीम में जगह बनाने की दावेदारी पेश कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'बात को सामान्य तौर से लीजिए। अनुबंध मिलना इस बात की गांरटी नहीं देता है कि आप देश के लिए खेल सकते हैं या नहीं। नियमित खिलाड़ियों को अनुबंध दिए जाते हैं और ईमानदारी से कहूं तो धोनी वनडे विश्व कप-2019 के बाद से नहीं खेले हैं इसलिए उनका नाम अनुबंध में नहीं है।'