
बिस्कोमान ने सस्ती दर पर प्याज की बिक्री बंद कर दी है। रोड़ेबाजी के डर से शनिवार को बिस्कोमान कर्मियों ने हेलमेट लगाकर प्याज बेचा, लेकिन अब आगे इसकी बिक्री नहीं हो पाएगी।
प्याज बिक्री के दौरान मारपीट की घटनाओं व भोजपुर में बिस्कोमान कर्मियों पर पत्थरबाजी के बाद कर्मियों ने हेलमेट लगाकर प्याज की बिक्री की। पटना शहर में रविवार से प्याज की बिक्री नहीं होगी। अंतिम दिन ईको पार्क, वेटनरी कॉलेज, भाजपा, जदयू और राजद कार्यालय के बाहर प्याज की बिक्री की गई।
बिस्कोमान अध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि 22 नवम्बर से पटना में 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचने का सिलसिला संस्थान ने शुरू किया। लेकिन, प्रशासन के असहयोग के कारण इसे बंद करना पड़ रहा है। दावा किया कि इस दौरान हर रोज 50 हजार लोगों को सस्ती दर पर प्याज दिया जा रहा था। अब तक छह लाख किलो प्याज की बिक्री की जा चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले बिस्कोमान परिसर में लगने वाली भीड पर ट्रैफिक समस्या को लेकर प्रशासन ने आपत्ति जताई। लिहाजा एक दिन बिक्री बंद की गई। उसके बाद मुहल्लों में जाकर बिक्री शुरू की गई तो दो पड़ोस के मुहल्ले के लोग आपस में झगड़ने लगे। इस दौरान रोड़बाजी से बचने के लिए कर्मियों को हेलमेट पहनकर प्याज बेचना पड़ा। प्रशासन ने सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की।
ऐसे में अप्रिय घटना की आशंका बलवती हो गई। कहा कि यह भी आशंका है कि अगर कोई घटना होगी तो प्रशासन संस्थान के कर्मियों पर प्राथमिकी भी दर्ज करा सकता है। लिहाजा अब संस्थान ने इस पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। अब पटना के लोगों को सस्ती दर पर प्याज बिस्कोमान नहीं दे पाएगा।
उल्लेखनीय है कि बिस्कोमान ने घोषणा की थी कि जब तक प्याज की कीमत नीचे नहीं आएगी तब तक वह 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचेगा। संस्थान ने यह भी घोषणा की थी कि अगर दाल की कीमत नीचे नहीं आई तो वह दाल भी कम दाम पर बेचेगा।