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30 November 2019

झारखंड में वोटों की बारिश, रिकॉर्ड 64.12 फ़ीसदी वोट पड़े

latehar ke manika ke bariatu me lagi lambi katar-
झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण में नक्सल प्रभावित छह जिलों की 13 विधानसभा सीटों पर छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हो गया। तेरह विधानसभा क्षेत्रों में अब तक रिकार्ड 64.12 फीसदी मतदान हुआ। एक मंत्री, आधा दर्जन पूर्व मंत्री समेत 187 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में बंद हो गई।अब 23 दिसंबर को मतगणना के साथ इन नेताओं के भाग्य का फैसला होगा।  
शनिवार को सुबह सात बजे से गुलाबी ठंड के बीच मतदान शुरू हुआ। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच नक्सलियों की एक नहीं चली। गुमला के घाघरा एक विस्फोट कर नक्सलियों ने दहशत पैदा करने की कोशिश की। लेकिन इससे कहीं कोई क्षति नहीं हुई। दोनों घटनाएं नक्सलियों के लिए हताशा की परिचायक रही। सभी क्षेत्रों में लोगों ने पूरे उत्साह के साथ मतदान में भाग लिया। छोटे-मोटे मामलों को छोड़कर इवीएम में कहीं से कोई बड़ी खराबी की सूचना नहीं मिली। डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र के चैनपुर इलाके में कांग्रेस उम्मीदवार केएन त्रिपाठी और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हुई। कांग्रेस उम्मीदवार ने भीड़ पर पिस्तौल लहरायी। वहीं भीड़ ने पत्थरबाजी कर केएन त्रिपाठी पर हमला कर उनकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। 
पलामू प्रमंडल के तीन जिलों में गढ़वा के भवनाथपुर, गढ़वा विधानसभा, पलामू जिले के डालटनगंज, विश्रामपुर, हुसैनाबाद, छतरपुर और पांकी, लातेहार जिले के मनिका और लातेहार नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं। इनके अलावा चतरा, गुमला और बिशुनपुर तथा लोहरदगा में भी वोटरों का उत्साह देखते बना। सुबह से ही लोग पंक्तिबद्ध खड़े हो गए थे।  
वर्ष 2014 के चुनाव दौरान इन्ही तेरह सीटों पर हुए 63.27 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार इन क्षेत्रों के मतदाताओं ने 64.12 प्रतिशत मतदान कर रिकॉर्ड तोड़ा। मतदान में युवाओं, महिलाओं से लेकर बुजुर्ग मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। वोटिंग में दिव्यांगों, दृष्टि बाधित जनों ने भी उमंग के साथ लोकतंत्र का पर्व मनाया। सुबह से लगी लंबी कतार में शाम तक मतदाताओं में उत्साह दिखा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नजर आए। किसी भी क्षेत्र से बड़ी वारदात की खबर नहीं आई। पहले चरण के जिन 13 सीटों पर वोटिंग हुई वह राज्य के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं। इन्हीं सीटों पर मौजूदा चुनाव के मद्देनजर सर्वाधिक दल बदल देखने को मिला है। 
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दी बधाई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार चौबे ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने पर मतदाताओं को बधाई दी है। 
नक्सली घटना
गुमला के घाघरा में नक्सलियों ने कच्ची सड़क पर विस्फोट कर दहशत पैदा करने की कोशिश की।  विस्फोट से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ।
खास बातें 
- 2019 में 64.12 फीसदी वोट पड़े
- 2014 में 63.27 फीसदी वोट पड़े
- गुमला विधानसभा सीट पर सर्वाधिक 67.30 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। पिछली बार 2014 में यहां 60.81 फीसदी  मतदान हुआ था। बिशुनपुर में 67.04 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ है, इस सीट पर 2014 में 67.05  फीसदी  वोट पड़े थे। 
- 13 सीटों में सबसे कम मतदान चतरा में 56.59 प्रतिशत हुआ। पिछली बार 2014 में इस सीट पर 53.63 फ़ीसदी मतदान हो पाया था।

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