अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले सरकार किसानों को और भी कई तरह की छूट दे सकती है। ऐसे में किसानों की कर्ज माफी का बोझ 40 अरब डॉलर यानी 2754 अरब रुपये से ज्यादा हो जाएगा। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के डेढ़ प्रतिशत से भी ज्यादा राशि है।.
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारें वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ग्रामीण क्षेत्र में असंतोष शांत करने के लिए कई कदम उठाएंगी। ऐसे में काफी संभावना है कि किसानों की कर्ज माफी का आंकड़ा 40 अरब डॉलर को पार कर जाएगा। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब इसी सप्ताह कर्नाटक की सरकार ने किसानों की बड़ी कर्ज माफी का ऐलान किया है, जबकि केंद्र सरकार ने भी खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी वृद्धि कर दी है।