विश्व शांति, सनातन संस्कृति एवं मानव कल्याण के वैश्विक अभियान को मिलेगा नया आयाम
लंदन / हरिद्वार,
विश्व शांति, मानवता, आध्यात्मिक चेतना एवं सनातन संस्कृति के संदेश को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने के उद्देश्य से 12 अक्टूबर 2026 को ब्रिटेन की ऐतिहासिक संसद में वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन (WPO) का भव्य शुभारंभ एवं पुनर्गठन किया गया। इस अवसर पर पुरुषार्थ आश्रम, हरिद्वार के महामनीषी स्वामी निरंजन जी महाराज को संगठन का अंतरराष्ट्रीय महासचिव (International General Secretary) नियुक्त किया गया।
समारोह की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम शक्ति केंद्र के पूज्य श्री राजराजेश्वर गुरुजी ने की। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में संजय गिरी को ग्लोबल प्रेजिडेंट नियुक्त किया गया। कार्यक्रम में ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन सहित विभिन्न देशों के 150 से अधिक प्रतिष्ठित व्यक्तियों, आध्यात्मिक गुरुओं एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
विश्व शांति के लिए निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका
महामनीषी स्वामी निरंजन जी महाराज को अंतरराष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपे जाने को भारतीय संत परंपरा एवं सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। महाराज श्री इस दायित्व के माध्यम से विश्व शांति, अंतरधार्मिक सद्भाव, मानवीय सेवा, सांस्कृतिक एकता एवं आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेंगे।
वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन का उद्देश्य विभिन्न देशों, धर्मों एवं संस्कृतियों के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी विश्वास, सहयोग और भाईचारे को मजबूत करना है। संगठन के प्रमुख सिद्धांत सद्भावना, एकता, सत्य, करुणा एवं सतत विकास हैं।
वैदिक मंत्रोच्चार एवं हनुमान चालीसा पाठ से दिया शांति का संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण एवं विश्व शांति की मंगलकामना के साथ हुआ। समारोह में भारतीय संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति भी दी गई। समापन अवसर पर सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ आयोजित किया गया।
इस आयोजन के माध्यम से प्रेम, सद्भावना, मानव एकता एवं ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ अर्थात संपूर्ण विश्व एक परिवार है का संदेश दिया गया।
विश्व कल्याण के लिए वैश्विक अभियान
वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन के माध्यम से आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन, आध्यात्मिक संवाद, मानव सेवा अभियान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
महामनीषी स्वामी निरंजन जी महाराज की नियुक्ति से संगठन के वैश्विक प्रयासों में भारतीय आध्यात्मिक परंपरा एवं संत समाज की भूमिका को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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