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17 January 2020

जन्माभिषेक का निकला भव्य जुलुस


जन्मे तीर्थंकर बालक मल्लिकुमार, बजीं बधाइयां, भक्ति में झूमे भक्त, झुलाया पालना,  कुबेर ने लुटाया अपना खजाना
जन्माभिषेक देखने  उमड़े श्रद्धालु तीर्थंकर बालक के जन्म होने पर बैरभाव सब समाप्त हो जाते हैं : मुनि श्री सुप्रभसागरमड़ावरा, ललितपुर। परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य  श्रमण मुनि श्री 108 सुप्रभसागर जी महाराज,  मुनि श्री  प्रणतसागर जी महाराज, मुनि श्री  संस्कारसागर , मुनि श्री आराध्यसागर जी महाराज,  मुनि श्री  साध्य सागर महाराज जी के पावन सान्निध्य में  तथा प्रतिष्ठाचार्य ब्र. जय कुमार जी निशांत भैया टीकमगढ़ के प्रतिष्ठाचार्योत्व में सौरई में चल रहे श्री 1008 भगवान मल्लिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा गजरथ, कलशारोहण महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को तीर्थंकर भगवान के  जन्मकल्याणक को  भारी आस्था श्रद्धा  के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर सर्वप्रथम प्रातः6.35  बजे सेपात्र शुद्धि, अभिषेक, शांतिधारा एवं नित्यमह पूजन  की गई। जैसे ही आज प्रातः प्रतिष्ठाचार्य ब्र. जयकुमार निशांत भैया  ने यह घोषणा की कि मल्लिकुमार का जन्म हो गया है, श्रद्धालुओं में अपार खुशी छा गयी और श्रद्धालु भावी तीर्थंकर भगवान के जन्म  की खुशियां बांटने लगे। जन्म की  बधाईयां हुई इस पर  श्रद्धालु थिरकते दिखाई दिए। जन्म होते ही  मिठाईयां बाटी गयीं,  गगन भेदी नगाड़ो को बजाते हुए मंगल गान गाये गए।दोपहर में तीर्थंकर बालक  का विशाल जन्माभिषेक जुलुस निकाला गया। जुलूस में  कुबेर अपना खजाना लुटाते हुए चल रहा था।   बैंड मधुर ध्वनि करते हुए चल रहा था।
 विभिन्न स्वयंसेवी संघ दिव्य घोष आदि के माध्यम से जुलूस को भक्तिमय बना रहे थे। जूलूस में हाथी , घोड़े और बग्गियां क्रमशः चल रही थीं। इस दौरान पांडुक शिला पर हुए जन्माभिषेक  को देखने श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाव उमड़ पड़ा। बालक मल्लिकुमार को लेकर सौधर्म इंद्र ने पांडुक शिला पर ले जाकर अभिषेक कराया।  इंद्राणी द्वारा  तीर्थंकर बालक  का  प्रथम दर्शन एवं इंद्र द्वारा सहस्र नेत्रों द्वारा दर्शन के सुंदर मनोरम प्रेरणादायी दृश्यों का मंचन पंचकल्याणक के पात्रों द्वारा किया गया जिसे देख दर्शक भाव-विभोर हो गए।
चूंकि पंचकल्याणक में तीर्थंकर भगवान का बालक के रुप में जन्म होने का विशेष महत्त्व है यही कारण है कि  विभिन्न स्थानों से भारी संख्या में श्रद्धालु सुबह ही महोत्सव स्थल पर पहुँच गए थे। तांडव नृत्य देख दर्शक ताली बजाने के लिए मजबूर हो गए।संगीतमय महा आरती एवं शास्त्र प्रवचन का आयोजन भी किया गयाबालक मल्लिकुमार का पालना झुलाने भी खूब उत्साह देखा गया, सभी अपने हाथ से पालना झुलाने का अवसर चूकना नहीं चाहते थे।  बालक्रीड़ा में अनेक बच्चों ने अपने नटखट अंदाज से सभी को खूब हंसाया। इस दौरान मुनि श्री सुप्रभ सागर महाराज  ने अपने प्रवचन में कहा कि भावी तीर्थंकर जो आज बालक रूप में जन्मा है , उसके जन्म पर  प्रतिदिन करोड़ों रत्नों की बर्षा देव करते हैं।  लेकिन तीर्थंकर के लिए तो यह सब माया है। जो बालक इन रत्नों पर पैर रखकर चलने वाला है वह रत्नत्रय को प्राप्त करता है। तीर्थंकर बालक के जन्म होने पर बैरभाव सब समाप्त हो जाते हैं। सांप और नेवला में दोस्ती हो जाती है।
अच्छे संस्कार डालें बच्चों में : उन्होंने कहा कि आप सभी का दायित्व है कि अपने बच्चों में अच्छे संस्कार डालें ताकि वह आदर्श नागरिक बन सकें। बचपन में डाले गए संस्कार जीवन भर साथ देते हैं। ऐसे संस्कार डालो जिससे आपका नाम रोशन करे। उन्होंने कहा कि अपनी आत्मा का कल्याण करेंगे तो संसार का भी कल्याण होगा।गिरार जी के आयोजन की पत्रिका का विमोचन :महोत्सव में  आज पंचकल्याणक समिति के पदाधिकारियों व अतिथियों द्वारा  गिरार गिरी जी में आगामी 23 जनवरी को होने जा रहे वार्षिक मेला व श्री आदिनाथ निर्वाणोत्सव की आमंत्रण पत्रिका का विमोचन गिरार जी तीर्थक्षेत्र कमेटी के पदाधिकारियों ने करवाया इस दौरान कमेटी ने श्री सुप्रभ सागर जी महराज ससंघ के चरणों मे श्रीफल अर्पित किया तथा उनका सान्निध्य प्राप्त करने के लिए आशीर्वाद ग्रहण किया।डॉ. सुनील संचय बताते हैं कि पंचकल्याणक वस्तुतः ऐसे महापुरुषों के जीवन की विशिष्ट मंगलमय प्रस्तुति है, जिनके चिंतन एवं दर्शन से जीवन में उत्तरोत्तर विकास होता है।महोत्सव में शनिवार को तप कल्याणक विधि विधान के साथ आयोजित होगा।इस दौरान पात्र शुद्धि, नित्य अभिषेक पूजन के बाद मुनिश्री का आशीर्वचन होगा। पाणिग्रहण संस्कार विधि (बारात)  होगी। राज्याभिषेक, भेंट समर्पण आदि होंगे। रात्रि में भजन सम्राट रूपेश जैन की भव्य भजन से संध्या होगी।उक्त जानकारी महोत्सव के मंत्री द्वय अजित कुमार स्टील एवं श्री विजय जैन तथा आशीष चौधरी ने प्रदान की है। आयोजन को  सफल बनाने में महोत्सव की  आयोजन समिति व  उप समिति  उल्लेखनीय योगदान रहा।इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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