
ड्यूटी समय में मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी के बावजूद कर्मचारी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। रोहिणी अदालत के दो जिलों के जिला जज ने ऐसे कर्मचारियों के प्रति सख्ती से पेश आने का फैसला किया है। अदालत कर्मियों पर निगरानी के लिए दो न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
रोहिणी अदालत के दो जिला जजों विनोद कुमार एवं रजनीश भटनागर ने महिला कर्मियों पर नजर के लिए महिला जज को कार्यभार सौंपा है। जबकि, पुरुष कर्मियों के लिए पुरुष जज को जिम्मेदारी दी गई है। आदेश में कहा गया है कि अदालती कर्मियों को वर्ष 2016 में पहला सर्कुलर जारी कर नियमों के पालन की हिदायत दी गई थी। इसके बाद से लगातार कर्मियों को नियमावली के अनुसार चलने को कहा जाता रहा है। लेकिन, अदालतकर्मी बगैर किसी भय के सर्कुलर की अनदेखी करते रहे हैं। ऐसे में जिला जज को अदालतकर्मियों के प्रति सख्त कदम उठाने का निर्णय लेना पड़ा है।
मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी है
अदालत में मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी न सिर्फ अदालतकर्मी बल्कि अदालत में आने वाले मुद्दइयों पर भी है। अदालतों में प्रवेश से पहले ही मोबाइल को बंद करने की हिदायत छह जिला अदालतों के मुख्यद्वार पर ही दे दी जाती है। इसके बावजूद अगर अदालती सुनवाई के दौरान किसी के मोबाइल की घंटी बजती है अथवा कोई मुद्दई फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा जाता है तो उसे अदालत द्वारा जब्त कर लिया जाता है। वहीं, अदालतकर्मियों द्वारा मोबाइल के इस्तेमाल से कार्य प्रभावित होता है।
अदालत में मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी न सिर्फ अदालतकर्मी बल्कि अदालत में आने वाले मुद्दइयों पर भी है। अदालतों में प्रवेश से पहले ही मोबाइल को बंद करने की हिदायत छह जिला अदालतों के मुख्यद्वार पर ही दे दी जाती है। इसके बावजूद अगर अदालती सुनवाई के दौरान किसी के मोबाइल की घंटी बजती है अथवा कोई मुद्दई फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा जाता है तो उसे अदालत द्वारा जब्त कर लिया जाता है। वहीं, अदालतकर्मियों द्वारा मोबाइल के इस्तेमाल से कार्य प्रभावित होता है।
ड्रेस कोड का भी उल्लंघन हो रहा है
जिला जज की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि अदालत कर्मियों के लिए एक ड्रेस कोड निर्धारित है। लेकिन, देखा जा रहा है कि कर्मचारी इसका पालन नहीं कर रहे। प्रत्येक कर्मचारी को अपना पहचानपत्र इस तरह से गले में डालने को कहा जाता है, जिससे यह सभी का नजर आए। लेकिन अधिकांश कर्मी पहचानपत्र को प्रदर्शित करते ही नहीं हैं। जिला जज ने कहा है कि अब नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
जिला जज की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि अदालत कर्मियों के लिए एक ड्रेस कोड निर्धारित है। लेकिन, देखा जा रहा है कि कर्मचारी इसका पालन नहीं कर रहे। प्रत्येक कर्मचारी को अपना पहचानपत्र इस तरह से गले में डालने को कहा जाता है, जिससे यह सभी का नजर आए। लेकिन अधिकांश कर्मी पहचानपत्र को प्रदर्शित करते ही नहीं हैं। जिला जज ने कहा है कि अब नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
अन्य जिला अदालतों ने भी सर्कुलर जारी किया
रोहिणी के अलावा पांच अन्य जिला अदालतों में भी अदालत कर्मियों द्वारा नियमों का उल्लंघन करने संबंधी सर्कुलर जारी किया गया है। सभी कर्मियों को चेताया गया है कि ड्यूटी के समय में मोबाइल का इस्तेमाल ना करें। साथ ही निर्धारित ड्रेस कोड में अदालत आएं।
रोहिणी के अलावा पांच अन्य जिला अदालतों में भी अदालत कर्मियों द्वारा नियमों का उल्लंघन करने संबंधी सर्कुलर जारी किया गया है। सभी कर्मियों को चेताया गया है कि ड्यूटी के समय में मोबाइल का इस्तेमाल ना करें। साथ ही निर्धारित ड्रेस कोड में अदालत आएं।