
कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय भर्ती (सीजीएल) और संयुक्त हायर सेकेंडरी स्तरीय भर्ती (सीएचएसएल) 2017 में शामिल यूपी और बिहार के बीस हजार अभ्यर्थियों की घबराहट सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद बढ़ गई है। इन्हें इन दोनों परीक्षाओं के निरस्त होने का भय सता रहा है।
वे अभ्यर्थी ज्यादा परेशान हैं, जिन्होंने कड़ी मेहनत कर तैयारी करने के बाद निष्पक्ष तरीके से परीक्षा दी थी और चयन की उम्मीद लगाए थे। वहीं परीक्षार्थियों का एक वर्ग ऐसा भी है, जो परीक्षा निरस्त करने के सुप्रीम कोर्ट से रुख से खुश हैं। ऐसे लोगों का मानना है कि परीक्षा में किसने नकल की है और किसने नहीं, यह तय कर पाना मुश्किल है इसलिए निष्पक्षता के लिए परीक्षा का निरस्त कर फिर से कराया जाना ही उचित है। सीजीएल 2017 की भर्ती प्रक्रिया 16 जून 2017 को शुरू हुई थी। इसके तीसरे चरण की परीक्षा इस वर्ष आठ जुलाई को कराई गई, इसमें देशभर से 47003 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, इनमें से 7810 अभ्यर्थी एसएससी मध्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले यूपी-बिहार के थे। सीएचएसएल 2017 की भर्ती प्रक्रिया 18 नवंबर 2017 को प्रारंभ हुई थी। 15 जुलाई को इसके दूसरे चरण की परीक्षा संपन्न हुई।
सीजीएल और सीएचएसएल 2017 में तेरह हजार से अधिक पदों पर चयन होना है। अब तक सीजीएल 2017 में 8089 तो सीएचएसएल 2017 में 5134 पद घोषित किए जा चुके हैं। एसएससी प्रति वर्ष केंद्रीय विभागों और मंत्रालयों में रिक्त विभिन्न श्रेणी के पदों के लिए आठ भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है। सीजीएल और सीएचएसएल इसकी दो बड़ी भर्ती परीक्षाएं हैं।