कानपुर नगर, कानपुर बरौनी से ग्वालियर जा रही ट्रेन से एसी डिब्बे में सीट को लेकर अधिवक्ता तथा एक नेवी जवान में आपस में मारपीट हो गयी। मारपीट के कारण कोच के अन्य यात्रिी सहम गये। ट्रेन जब सेंटर पहुंची तो वहां पहले से उपस्थित अधिवक्ता के साथी भी दूसरे पक्ष के साथ मारपीट करने लगे। मौके पर पहुंची जीआरपी पुलिस पूंछतांछ के लिए सभी को थाने ले गयी जहां तहरीर दी गयी।जानकारी के अनुसार अधिवक्ता संजय झा पुत्र सहदेव निवासी पोखरपुरवा जाजमऊ थाना चकेरी, पत्नी नीतू झां, बेटे एस व दिव्यांश के साथ मुजफ्फरपुर गये हुये थे। बताया जाता हे कि सभी लोग वापस लोट रहेथे तथा उनका आरक्षण ट्रेन संख्या 11123 बनौनी मेल के बी-1 कोच संख्या 16150 से सीट 21,22,29,30 पर थे। यात्रा के दौरान संजय सीट 31 नं0 खाली देचखकर आराम करने लगे। ट्रेन छपरा स्टेश्ज्ञन पहुंचते ही नेवी में तैनात नितिन सिंह निवासी ग्वालियरपत्नी व बेटी के साथ कोच में दाखिल हुऐ। उनका आरक्षण सीट 31 व 54 आदि सहित अन्य बथों पर था। नितिन सीट 31 पर पहुंचे ओर सजय से हटने के लिए कहा। संजय ने हटने के बचाए नितिन से दूसरी सीट पर जाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनो में विवाद होने लगा। नितिन के साथ आये लोगों ने संजय को पीट दिया। डिब्बे में अफरा तफरी मच गयी। दूसरे दिन सुबह ट्रेन बाराबंकी पहुंची तो अािवक्ता ने अपने साथियों को बुलवा लिया। लेकिन भीड देखकर जीआरपी भी चैकन्ना हो गयी थी। ट्रेन प्लेटफार्म पर रूकते ही सभी गडी में चढ गये तथा संजय के परिवार को ट्रेन से बाहर निकाला। इसी बीच जीआरपी ने दोनो पक्षों को थाने लेजाकर पूंछताछ की तथा दोनो पक्षो ने तहरीर दी।
कानपुर नगर, कानपुर बरौनी से ग्वालियर जा रही ट्रेन से एसी डिब्बे में सीट को लेकर अधिवक्ता तथा एक नेवी जवान में आपस में मारपीट हो गयी। मारपीट के कारण कोच के अन्य यात्रिी सहम गये। ट्रेन जब सेंटर पहुंची तो वहां पहले से उपस्थित अधिवक्ता के साथी भी दूसरे पक्ष के साथ मारपीट करने लगे। मौके पर पहुंची जीआरपी पुलिस पूंछतांछ के लिए सभी को थाने ले गयी जहां तहरीर दी गयी।जानकारी के अनुसार अधिवक्ता संजय झा पुत्र सहदेव निवासी पोखरपुरवा जाजमऊ थाना चकेरी, पत्नी नीतू झां, बेटे एस व दिव्यांश के साथ मुजफ्फरपुर गये हुये थे। बताया जाता हे कि सभी लोग वापस लोट रहेथे तथा उनका आरक्षण ट्रेन संख्या 11123 बनौनी मेल के बी-1 कोच संख्या 16150 से सीट 21,22,29,30 पर थे। यात्रा के दौरान संजय सीट 31 नं0 खाली देचखकर आराम करने लगे। ट्रेन छपरा स्टेश्ज्ञन पहुंचते ही नेवी में तैनात नितिन सिंह निवासी ग्वालियरपत्नी व बेटी के साथ कोच में दाखिल हुऐ। उनका आरक्षण सीट 31 व 54 आदि सहित अन्य बथों पर था। नितिन सीट 31 पर पहुंचे ओर सजय से हटने के लिए कहा। संजय ने हटने के बचाए नितिन से दूसरी सीट पर जाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनो में विवाद होने लगा। नितिन के साथ आये लोगों ने संजय को पीट दिया। डिब्बे में अफरा तफरी मच गयी। दूसरे दिन सुबह ट्रेन बाराबंकी पहुंची तो अािवक्ता ने अपने साथियों को बुलवा लिया। लेकिन भीड देखकर जीआरपी भी चैकन्ना हो गयी थी। ट्रेन प्लेटफार्म पर रूकते ही सभी गडी में चढ गये तथा संजय के परिवार को ट्रेन से बाहर निकाला। इसी बीच जीआरपी ने दोनो पक्षों को थाने लेजाकर पूंछताछ की तथा दोनो पक्षो ने तहरीर दी।
