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21 March 2018

उ.प्र.जल विद्युत निगम एवं सिंचाई विभाग(रिहंद) की टीम ने किया डूब का निरीक्षण



संजय कुमार भारती -

सोनभद्र/बीना। प्रदेश के विकास के साथ-साथ ऊर्जा की माँग में अनवरत बढ़ोत्तरी हो रही है। ऊर्जा के परम्परागत स्त्रोत सीमित होने तथा उनके दोहन से पर्यावरणीय प्रदूषण बढ़ने के दृष्टिगत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों पर आधारित ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाने तथा इसके प्रचार-प्रसार को सरकार ने उच्च प्राथमिकता प्रदान की है। ऊर्जा की मुख्यधारा में महत्वपूर्ण सहभागिता करने के लिए अब आगे नयी और वृहत्तर सम्भावनाएं स्पष्ट दिखाई दे रही है। जिसको ध्यान मे रखते हुए ऊर्जांचल में सौर ऊर्जा का भी हब बनाने की सरकार द्वारा योजना बनायी जा रही है। कोहरौल के समीप रिहंद के 880 क्षेत्र मे 100मेगावाट के उ.प्र.जल विद्युत निगम के सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव शासन की स्वीकृती के बाद शिघ्र शुरू हो जाएगा। बुधवार को उ.प्र.जल विद्युत निगम एवं सिंचाई विभाग(रिहंद) की एक संयुक्त टीम ने कोहरौल स्थित रिहंद के डूड क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर पाॅवर प्लांट के लिए भूमि के चयन कार्य किया। इस दौरन टीम के सदस्यों ने स्थानीय लोगों से भी बात की। उ.प्र.जल विद्युत निगम पिपरी के एसडीओ इं.आशीष कुमार सिंह ने बताया कि जल विद्युत निगम के द्वारा 100मेगावाट का एक सौर ऊर्जा प्लांट कोहरौल के समीप रिहंद के डूब क्षेत्र मे बनाने की योजना है। जिसके लिए उ.प्र.जल विद्युत निगम के द्वारा करायी गयी फिजुवल्टी रिपोर्ट ओके हो गयी है। सब ठीक रहा तो भूमि के चयन के साथ शासन की मंजूरी से साथ कार्य शिघ्र शुरू कर दिया जाएगा। जल विद्युत निगम प्लांट लगाने के लिए सिंचाई विभाग(रिहंद) के साथ संयुक्त रूप से भूमि का चयन कर रहा है। सिंचाई विभाग(रिहंद) पिपरी के सहायक अभियंता इं.ए.के.पाण्डेय ने बताया कि शासन की मंसा के अनुरूप सौर ऊर्जा प्लांट के लिए जितनी भूमि की आवश्यकता होगी नियमानुसार उपलब्ध करायी जाएगी। फिलहाल निरीक्षण किए डूब क्षेत्र के विभिन्न स्थान की पैमाइस के आदेश दिए गए है। निरीक्षण के दौरान डूब पर्वेक्षक शिव शंकर दूबे, जिलेदार बद्रीनाथ राॅव, अजय कुमार राठी आदि मौजूद रहे।

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