
कांसेप्ट इमेज।
बताते चलें कि नगर कोतवाली के धनौली गांव के निवासी रामराज के 48 वर्षीय बेटे विजय कुमार को सोमवार की दोपहर 11 बजे जिला चिक्तिसालय में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उक्त व्यक्ति की मौत हो गयी तो उक्त व्यक्ति के साथ किसी के न होने के कारण लाश को शव घर में रखवा कर पुलिस को मेमो भी दे दी गई। आखिर शव किसका, पुलिस जांच में जुटी
पुलिस यह जानकार हैरान रह गई और सोच में पड़ी कि यदि विजय कुमार जीवित है तो फिर ये लाश किसकी है। आखिर कौन विजय कुमार के नाम पर युवक को अस्पताल में भर्ती कराया है। आनन-फानन में पुनः पुलिस दलबल के साथ धनौली गांव युवक के शिनाख्त के लिए पहुंची तो विजय कुमार के जीवित होने की पुष्टि हो गई।
शव की जेब से निकला विजय कुमार का आधार कार्ड
दरअसल, मरीज जब अस्पताल में भर्ती हुआ तब उसकी जेब में विजय कुमार का आधार कार्ड मिला जिसमें सही पता लिखा था। लिहाजा पुलिस अस्पताल में भर्ती युवक को विजय मानकर मौत के बाद उस पते पर संपर्क करके परिजनों को सूचना दी थी।
रुका मृतक का पोस्टमार्टम
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम, शिनाख्त होने तक रोक दिया और जांच में जुट गई है। घरवालों द्वारा लाश को विजय का न होना बताने से जहां कई सवाल उठ खड़े हुए है। इसमें बड़े साजिश की आशंका भी हो रही है। मृतक की जेब से निकले आधार कार्ड पर जब विजय पुत्र रामराज का नाम दर्ज है तो फिर गांव मे टहल रहा विजय कैसे जीवित है और अगर वह जीविते है तो यह शव किसका है और इसकी जेब में विजय का आधार कार्ड कैसे पहुंचा
जिला अस्पताल के मुख्य चिकिसाधीक्षक डॉ. अरूणलाल ने बताया कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। मरीज को अस्पताल लेकर भर्ती कराने वालों के बताने के आधार पर ही नाम पता दर्ज कर उसे भर्ती किया गया होगा। फिलहाल इसकी जांच कर सच्चाई पता करने बात कहे।
धनौली गावं के प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि विजय कुमार पुत्र रामराज उनके गांव का निवासी है और वह अपने घर पर ही है। इस संबंध में प्रभारी कोतवाल नगर ने बताया कि पुलिस धनौली गावं में पहुंच कर मृतक के शिनाख्त की कोशिश कर चुकी है जो अब तक अज्ञात है जांच जारी है।
पुलिस ने पास के पते लिखे गांव में परिजनों को सूचना भेजी तो रोते बिलखते परिजन अस्पताल पहुंच कर शवघर में पड़ी लाश को देखा तो उसे विजय मानने से ही इन्कार कर दिया। घरवालों के इन्कार को देखते ही अस्पताल प्रशासन के हाथ पांव फूल गये। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए पंचनामा करने पहुंचे पुलिस वाले भी अचंभे में पड़ गये।