Breaking

20 March 2018

पर्दे में इमरान की दुल्हनिया

सबसे पहले तो इमरान खान को तीसरी शादी पर बधाई. शादी की तस्वीर देखी. लेकिन दुल्हन का चेहरा नहीं देख पाए. तो क्या पाकिस्तान को बदलने निकले इमरान खान खुद बदल गए हैं या फिर पाकिस्तान की सियासत ने उन्हें बदल दिया है?
Pakistan PTI Vorsitzender Imran Khan Hochzeit (PIT)कहते हैं उम्र भले ही बढ़ जाए लेकिन दिल जवान होना चाहिए. इमरान खान पर यह बात बिल्कुल फिट बैठती है. दिल भी जवान है और दिखने में भी जवान हैं. यह शायद पठान कद काठी का कमाल है, हालांकि वे 65 साल के हो चुके हैं. दुनिया में ऐसे कम लोग होते हैं जो 60 की उम्र पार करने के बावजूद किसी देश के 'मोस्ट एलिजिबल बैचलर' हों. आज भी कप्तान काला चश्मा पहनकर निकलें तो कहीं भी 'इम्मू इम्मू' का शोर मच जाता है.
इमरान खान की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह यह है कि उन्होंने पाकिस्तान को 1992 में क्रिकेट का वर्ल्ड चैंपियन बनाया है. वह इसलिए भी अहम हो जाते हैं कि उनके बाद कोई यह कारनामा दोबारा नहीं कर पाया. अकसर नकारात्मक खबरों की वजह से सुर्खियों में रहने वाले पाकिस्तान के लोगों को निश्चित तौर पर यह बात खुशी देती है कि वे भी वर्ल्ड चैंपियन रहे हैं. और उन्हें यह खुशी देने वाले इमरान खान हैं.
इसलिए जब इमरान खान ने सियायत में कदम रखा तो नौजवान उनके साथ हो लिए. 'नया पाकिस्तान' बनाने के उनके नारे पर लोगों ने भरोसा किया. नया पाकिस्तान तो नहीं बना, लेकिन सियासत में इमरान खान 'पुराने' होते गए. दिलचस्प बात यह है कि इमरान खान को भी 'पुराना पाकिस्तान' पसंद आने लगा है. शायद यही वजह है कि कभी जमैमा खान जैसी शख्सियत से शादी रचाने वाले इमरान खान के बगल में आज ऐसी दुल्हन बैठी है, जो दुनिया को अपना चेहरा भी नहीं दिखाना चाहती. इस सिलसिले में धार्मिक आजादी का तर्क दिया जा सकता है. लेकिन उसके विरोध में यह तर्क भी उतनी ही मजबूती से उठ सकता है कि इमरान खान पर भी कट्टरपंथी रंग चढ़ता जा रहा है. और बात तब और अहम हो जाती है जब इसी साल पाकिस्तान में चुनाव होने हैं.

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages