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1 August 2022

जब बहुत परेशान हों तब श्रीकृष्ण की यह 9 बातें आपका दु:ख दूर कर देंगी, पवित्र गीता की यह हैं सबसे महत्वपूर्ण आवश्यक बातें

 


- हमारे बड़े बुजुर्ग सदा कहा करते हैं कि जब जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है तब-तब श्री कृष्ण प्रत्येक युग में अपना एक नया रूप धारण करते हैं ताकि वह अधर्म को नष्ट कर और धर्म की रक्षा कर सकें। यह माना जाता है कि हमारे भगवत गीता में जीवन की प्रत्येक बात कही गई है।


इस ग्रंथ में श्रीकृष्ण स्वयं अर्जुन को उपदेश देते हैं कि, वह महाभारत का युद्ध कैसे लड़ सकें जिससे उनकी जीत हो इसलिए यह कहा जाता है कि यदि हमें भी अपने जीवन में सफलता पानी है तो हमें भगवत गीता अवश्य पढ़नी चाहिए। भगवत गीता में कुछ ऐसी बातें लिखी गई हैं जो हमें सफलता की ओर ले जाता है।


i) ❣मानव शरीर एक कपड़े का टुकड़ा है


गीता के श्लोक में श्रीकृष्ण ने मानव के शरीर को एक कपड़े का टुकड़ा बोला है जहां उन्होंने यह दर्शाते हुए कहा है कि ऐसा कपड़ा जो आत्मा प्रत्येक जन्म में बदलती है। इसका अर्थ यह है कि मानव शरीर का आत्मा अस्थाई वस्त्र है अर्थात् हमें मानव की पहचान उसके शरीर से नहीं उसके मन से उसकी आत्मा से करनी चाहिए।


ii) ❣क्रोध भ्रम की निशानी है


यह कहा जाता है कि क्रोध एक सामान्य भावना है जो प्रत्येक इंसान के भीतर बसता है लेकिन यह बहुत ही हानिकारक है क्योंकि यह कहीं ना कहीं मानव के भीतर एक भ्रम पैदा करता है जहां मनुष्य अच्छे और बुरे की पहचान करना चाहता है इसलिए आवश्यक है कि मनुष्य क्रोध की राह से दूर होकर शांति की राह को अपनाएं।


iii) ❣जीवन का संतुलन बहुत आवश्यक है


यह तो हम सभी जानते हैं कि किसी भी वस्तु का अति हो जाना काफी घातक होता है चाहे वह फिर रिश्तों की मिठास हो या उनकी कड़वाहट, खुशी हो या गम! प्रत्येक तरीके से हमें अपने जीवन का संतुलन बनाकर रखना चाहिए।


iv) ❣स्वार्थी होने से बचे


अगर जीवन में सफलता का पड़ाव चुनना है तो हमें स्वार्थी होने से बचना होगा क्योंकि स्वार्थी एक ऐसा स्वभाव है कि जो हमें अन्य लोगों से दूर कर देता है। सही अर्थों में बोला जाए तो यह उस आईने में पड़े धूल की तरह है जो हमें अपना चेहरा देखने से रोकता है इसलिए अगर जीवन में खुशियां पानी है तो हमें निस्वार्थ भाव से प्रत्येक कार्य करना पड़ेगा।


v) ❣ईश्वर सदा हमारे साथ है


यह माना जाता है कि जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होते हैं अर्थात भगवान प्रत्येक मनुष्य के साथ होता है। उसके अच्छे कर्मों के साथ भी और बुरे कर्मों के साथ भी। बस अंतर है कि जब भी मनुष्य सत्य की राह को अपनाता है तब उसके जीवन में एक ऐसा बदलता समय आता है जहां वह ना भविष्य की चिंता करता है और ना ही अतीत की!


vi) ❣कर्तव्यो से मुंह न मोड़े


यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही गई है गीता में कि कभी भी हमें अपने कर्मों को करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। यह बात हमें सदा सिखाई गई है कि हमें अपना कर्म करते रहना चाहिए और फल की चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि हमें अपने कर्म के अनुसार ही फल मिलता है।


vii)❣ इच्छाओं पर नियंत्रण रखें


यह माना जाता है कि मनुष्य की सबसे बड़ी समस्या उसकी इच्छाओं से प्रारंभ होती है। जैसे-जैसे उसकी इच्छाएं बढ़ने लगती है वैसे-वैसे मनुष्य के जीवन में कठिनता आने लगती है इसलिए आवश्यक है कि हम अपने इच्छाओं के ऊपर नियंत्रण रखें।


viii) ❣️ संदेह ना करें


संदेह प्रत्येक दृढ से दृढ रिश्ते को नष्ट कर देता है जिससे यह मनुष्य का दुख का कारण बन जाता है इसलिए जीवन में यदि रिश्ते को बचाना हो या फिर जीवन में एक सफल रिश्ता बनाना हो तो अपने भीतर संदेह की भावना ना रखें।


iX)❣ मृत्यु से ना डरें


हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण सत्य यह है कि जो इंसान इस धरती पर आता है वह कभी ना कभी धरती की मिट्टी में समा जाता है इसलिए हमें कभी भी मृत्यु से नहीं डरना चाहिए क्योंकि मृत्यु के डर से हम अपने वर्तमान की खुशियों में सम्मिलित नहीं हो पाते हैं इसलिए आवश्यकता है कि उस सच्चाई को अपनाना और अपनी खुशियों का आनंद उठाना।


यही थी भगवत गीता की कुछ  बातें जो सामान्य इंसान को सफलता की राह पर पहुंचाने में सहायता करती हैं और उनकी प्रत्येक कठिनाईयों का सामना करने का तर्क देती हैं।


इसलिए जीवन में किसी भी प्रकार की कठिनाइयां हो या फिर राह में कितने भी बाधाएँ हों हमें अपने जीवन की राह को सही मायने में चुनकर उसे सफल बनाने का प्रयास करना चाहिए।                                              


      🙏जय श्री कृष्ण !!🙏

          🙏राधे राधे 🙏

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