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26 March 2018

चार साल संघर्ष के बाद ऐसिड अटैक करने वाले को भिजवाया जेल

acid attack survivor fights for 4 yrs, gets attacker behind bars
कोलकाता 
ऐसिड अटैक का शिकार हुईं संचयिता अपने चेहरे को तो नहीं बचा पाईं लेकिन चार साल के लंबे संघर्ष के बाद हमलावर को सलाखों के पीछ जरूर पहुंचा दिया। रविवार को संचयिता के एक्स-बॉयफ्रेंड सौमेन साहा को उन पर सिंतबर 2014 में ऐसिड फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
बताया गया कि सितंबर 2014 में संचयिता अपनी मां के साथ सेठबागान की एक दूकान पर जा रही थीं, इतने में एक बाइक सवार उनके सामने आकर रुका और उनपर एक लिक्विड फेंका। संचयिता ने अपने सिर को एकतरफ को झुका लिया लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ ही मिनटों में उनका चेहरा बुरी तरह झुलस गया और दर्द से बिलबिला उठीं। 
अगले कुछ महीने संचयिता और उनकी मां के लिए बहुत कठिन रहे। संचयिता की विधवा मां को उनके इलाज के लिए लोन लेने पड़ा। इस बीच आरोपी के खिलाफ केस भी दर्ज करवाया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। इसी दौरान एक एनजीओ ने संचयिता से संपर्क किया और मदद करने की पेशकश की। यह एनजीओ ऐसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद करता है। एनजीओ की मदद से संचयिता ने कलकत्ता हाई कोर्ट में केस दायर किया और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। 

इसके बाद 2017 में मामले की जांच शुरू हुई और जुडिशल मैजिस्ट्रेट के सामने संचयिता का बयान रिकॉर्ड करवाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'क्योंकि काफी समय बीत चुका था इसलिए आरोपी को पकड़ने में दिक्कत हो रही थी लेकिन हमने आरोपी को ढूंढ निकाला और सोनापुर से गिरफ्तार कर लिया।' 

संचयिता इसके बारे में कहती हैं, 'यह सिर्फ शरीर पर हमला नहीं है, ऐसिड अटैक झेलने वालों पर समाज अलग तरह से रिऐक्ट करा है। कई लोग मेरे बिगड़े चेहरे को देखकर हंसते थे और मजाक उड़ाते थे। एक दिन मैंने संघर्ष का फैसला किया और अपने चेहरे को दुपट्टे से ढंकना बंद कर दिया।' 

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