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20 March 2018

वैज्ञानिक भी नहीं खोज पाये इस कुंड का रहस्य, आपदा से पहले करता है अलर्ट!


भीम कुंड की तस्वीर।

इस कुण्ड का पुराणों में नीलकुण्ड के नाम से जिक्र है, जबकि लोग अब इसे भीमकुण्ड के नाम से जानते हैं, भीम कुण्ड की गहराई अब तक नहीं मापी जा सकी है, इस कुण्ड के चमत्कारिक गुणों का पता चलते ही डिस्कवरी चैनल की एक टीम कुण्ड की गहराई मापने के लिए आई थी, लेकिन ये इतना गहरा है कि वे जितना नीचे गए उतना ही अंदर और इसका पानी दिखाई दिया, बाद में टीम खाली हाथ वापस लौट गई।
लोग बताते हैं कि अज्ञातवास के दौरान एक बार भीम को प्यास लगी थी, काफी तलाशने के बाद भी जब पानी नहीं मिला तो भीम ने जमीन में अपनी गदा पूरी शक्ति से दे मारी, तब इस कुण्ड से पानी निकला था, इसलिए इसे भीम कुण्ड कहा जाता है।वहीं जब भी कोई भौगोलिक घटना होने वाली होती है तो यहां का जलस्तर बढ़ने लगता है, जिससे क्षेत्रीय लोग प्राकृतिक आपदा का पहले ही अनुमान लगा लेते हैं, नोएडा और गुजरात में आए भूकंप के दौरान भी यहां का जलस्तर बढ़ा था, जबकि सुनामी के दौरान तो कुण्ड का जल 15 फीट ऊपर तक आ गया था।

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