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31 March 2018

यूपी:अस्पताल गेट पर मजदूर की पत्नी ने जन्मा 'बेटा', इमरजेंसी से नर्स ने लौटाया

woman give child birth at hospital gate
उत्तर प्रदेश के एटा जिले के महिला जिला चिकित्सालय में शुक्रवार सुबह संस्थागत प्रसव को पहुंची रामसखी को स्टाफ नर्स ने डिलीवरी में देरी होने की बात कहकर इमरजेंसी से लौटा दिया। मायूस होकर लौटी रामसखी ने इमरजेंसी से अस्पताल गेट पर पहुंचकर पुत्र को जन्म दिया। उसकी सूचना आशा ने इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ नर्स को दी। उसके बाद तत्काल उसको इमरजेंसी में भर्ती किया गया। 
शुक्रवार सुबह 8 बजे गांव तावेपुर डीएस भट्टा पर मजदूरी करने वाला बाबूराम प्रसव पीड़ा से परेशान पत्नी रामसखी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। ओपीडी में डॉ. अंजली सप्रे ने उसका परीक्षण किया। परीक्षण में खून की कमी होने पर महिला चिकित्सक ने रामसखी को इमरजेंसी में भर्ती करा दिया। साथ ही पति को खून चढ़वाने को कहा। चिकित्सक के रामसखी को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराए जाने के कुछ देर बाद वहां मौजूद स्टाफ नर्स ने रामसखी के पति बाबूराम से कहा कि अस्पताल में खून उपलब्ध नहीं है। अभी तुम्हारी पत्नी की डिलेवरी में शाम तक का समय है। इसलिए तुम उसको आगरा या अलीगढ़ ले जाओ। स्टाफ नर्स की बात सुनकर मजदूर पति परेशान हो गया। वार्ड से निकाले जाने के बाद रामसखी को लेकर उसका पति और साथ में मौजूद महिलाएं ई-रिक्शा में बैठाकर ले जाने लगी।
 
इसी दौरान लगभग 8.30 बजे इमरजेंसी से अस्पताल गेट तक पहुंचते-पहुंचते बेटा को जन्म दिया। एटा के सीएमओ डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया जिला महिला चिकित्सालय इमरजेंसी वार्ड में भर्ती गर्भवती महिला रामसखी को खून की कमी पर चिकित्सक ने भर्ती कराया था। उसके बाद स्टाफ नर्स ने खून न होने की कहकर उसे क्यों निकाला। उसकी वह जांच कराएंगे। जांच में दोषी पाए जाने पर स्टाफ नर्स के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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