
रूस में आज राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। हालिया सर्वेक्षणों से इस बात की पूरी संभावना है कि जनता व्लादिमीर पुतिन को एक बार फिर देश की बागडोर सौंपने का मन बना चुकी है।
रूस में होने वाले इस सबसे बड़े चुनाव पर पूरी दुनिया की नजर है। जनता अगर पुतिन के पक्ष में मतदान करती है तो वे चौथी बार इस पद पर काबिज होंगे। रूस के सबसे कद्दावर नेता माने जा रहे पुतिन इस बार अपनी पार्टी यूनाइटेड रशिया की जगह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में है। ऐसा उन्होंने खुद को पार्टी से भी बड़ा दिखाने के लिए किया है।
पुतिन वर्ष 2000 से लगातार रूसी सत्ता के केंद्र में बने हैं। वे 2000 और 2004 में राष्ट्रपति बने। चूंकि रूस में कोई लगातार दो बार से ज्यादा राष्ट्रपति नहीं रह सकता, इसलिए वर्ष 2008 में सहयोगी मेदवेदेव को राष्ट्रपति बनवाकर खुद प्रधानमंत्री बने। वर्ष 2012 में पुतिन फिर राष्ट्रपति पद पर काबिज हुए और अपना कार्यकाल 4 से बढ़ाकर 6 साल करा दिया। पिछले चुनाव में वे 60 फीसदी से ज्यादा वोटों से विजयी हुए हैं।