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26 March 2018

मृत पिता को बेटे ने दिया तोहफा, 18 साल की कड़ी मेहनत के बाद दिलाया न्याय

Bombay high court verdict on balasaheb case son gets justice after 18 yearsएक शख्स ने 18 साल की कड़ी मशक्कत के बाद अपने मृत पिता के खिलाफ चल रहे क्रिमिनल केस में न्याय हासिल किया। 
गणेश जगताप ने बांबे हाई कोर्ट में अपने मृत पिता बालासाहेब जगताप के लिए दिन रात एक कर सभी आरोपों को बेबुनियाद साबित करवाया।  दरअसल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में काम करने वाले बालासाहेब को महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के एक बस कंडक्टर पर हमला करने के आरोप में तीन महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। 

यह पूरा मामला 21 नवंबर 1998 का है। उनपर दायर शिकायत के मुताबिक, बालासाहेब ने सतारा बस स्टॉप पर कंडक्टर को मुक्का मारा था जिसकी वजह से उसके सिर से खून निकलने लगा। जिसके बाद साल 2000 में एक ट्रायल कोर्ट ने बालासाहेब को आरोपी करार दिया। और फिर 2004 में सत्र न्यायालय ने उन्हें सजा सुनाई।

हालांकि बेटे ने हार नहीं मानी और अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखी और आखिरकार कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आया। 

जस्टिस प्रकाश नाईक ने फैसला सुनाया कि 'आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों के बीच पहले से कोई आपसी विवाद था। मेडिकल रिपोर्ट्स बताती हैं कि कंडक्टर को सिर पर चोटें बस से गिरने पर आईं होंगी। यह सभी विरोधाभासी स्थितियां आरोपी के आरोप सिद्ध करने के लिए अप्रयाप्त हैं लिहाजा उन्हें बरी किया जाता है।'

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